Jharkhand Integrated Adarsh Gram Yojna (JIAGY)

विभाग द्वारा झारखण्ड समेकित आदर्श ग्राम योजना (JIAGY) के अंतर्गत वर्तमान में निम्नवत चार प्रकार के आदर्श ग्राम योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है :-

  • सांसद आदर्श ग्राम योजना SAGY)
  • प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY)
  • आदर्श ग्राम योजना (AGY)
  • मुख्य मंत्री स्मार्ट ग्राम योजना (CMSGY)

उपरोक्त चारों योजनाओं का विवरण निम्नवत है :-

  • सांसद आदर्श ग्राम योजना ( SAGY) : एक परिचय :-
  • महात्मा गाँधी की ग्रामीण विकास की संकल्पना “स्वराज” को “सुराज” में बदलने के आदर्श ग्राम के विकास पर यह
    योजना केन्द्रित है
  • सांसद आदर्श ग्राम योजना राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के आदर्श ग्राम के अनन्य वरन वास्तविक दर्शन को स्थानीय सन्दर्भ के
    अनुसार कार्यान्वित करने के महती लक्ष्य से अभिप्रेरित है
  • कार्यक्रम के अंतर्गत एक ऐसे आदर्श ग्राम कि परिकल्पना को धरातल पर उकीर्ण करने का श्रृंखलाबद्ध प्रयास किया जाना है जिस ग्राम में मानवीय मूल्यों पर आधारित विकास कि प्रक्रिया में समाज के अंतिम व्यक्ति कि सर्वांगीं सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सामुदायिक समरसता, सद्भाव कि भावना के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा , आवास, स्वच्छता एवं आजीविका के उच्च को प्राप्त करते हुए अन्य ग्रामों के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय सांसदों के नेतृत्त्व एवं मार्गदर्शन में मार्च 2019 तक तीन ग्राम पंचायतों का चयन कर उन्हें आदर्श ग्राम पंचायत के स्वरुप में विकसित किया जाना है

लक्ष्य :-

  • सांसद आदर्श ग्राम योजना का लक्ष्य मौजूदा सन्दर्भ को ध्यान में रखते हुए महात्मा गांधी के इस व्यापक और ऑर्गेनिक विज़न को सार्थक बनाना है

उद्देश्य :-

  • I. चयनित ग्राम पंचायतों के समग्र विकास में मददगार प्रक्रिया में तेजी
  • II. प्रत्येक स्तर पर समावेशी हो एवं आदर्श ग्राम कि परिकल्पना एवं इसकी कार्ययोजना समस्त ग्रामवासियों द्वारा स्वीकार्य हो
  • III. ग्राम पंचायत के समस्त निवासियों के जीवन स्तर एवं जीवन यापन के गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाना I यह कार्य निम्न रूपेण किया जाना है :-
    1 – उन्नत बुनियादी सुविधाएँ 2 – अधिकतम उत्पादकता 3 – बेहतर मानव विकास 4 – बेहतर आजीविका के अवसर 5 – असमानता में कमी 6 – अधिकार और हकदारी के लिए पहुँच दिलाना 7 – वृहत सामाजिक एकजुटता 8 – समृद्ध सामाजिक पूंजी 9 – स्थानीय स्तर पर विकास और प्रभावी स्थानीय शासन |
  • IV. लक्षित ग्रामों में स्थानीय विकास को सुनिश्चित करने वाले एवं प्रभावी स्थानीय स्वशासन के सिधान्तों को प्रतिस्थापित स्वप्रेरित “मॉडल” का निर्माण करना
  • V. लक्षित ग्राम का विकास इस रूप में किया जाये कि अन्य ग्रामों के लिए यह एक प्रेरणा के स्रोत के रूप में विकसित हो

सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) : मूल्यों पर आधारित योजना:-
सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) का उद्देश्य मात्र अवसंरचना विकास करना नहीं है इसके अतिरिक्त ग्रामीणों में नैतिक मूल्यों में गुणात्मक वृद्धि करते हुए गाँव का विकास करना है :-

  • लोगों की भागीदारी को अपने ध्येय के रूप में अपनाना-ग्रामीण जीवन से संबंधित सभी पहलुओं खासकर शासन से संबंधित निर्णयों में समाज के सभी वर्गों का सहभागिता सुनिश्चित करना ।
  • अंत्योदय के सिद्धान्त के अनुसार – गाँव में सबसे निर्धन और कमजोर व्यक्तियों को सक्षम बनाना तकि वे अपना विकास स्वयं कर सकें ।
  • महिला पुरूष समानता की पुष्टि करना और महिलाओं के लिए सम्मान सुनिश्चित करना ।
  • सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना ।
  • श्रम की गरिमा और सामुदायिक सेवा एवं स्वैच्छिक सेवा की भावना मन में बैठाना ।
  • साफ-सफाई की आदत को बढ़ावा देना ।
  • प्रकृति की सुरक्षा करते हुए विकास और पर्यावरण में संतुलन सुनिश्चित करना।

सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) अब तक के कार्यान्वित हो रहे अन्य सरकारी योजनाओं से बिलकुल भिन्न है :-

  • अन्तोदय अर्थात समाज के अंतिम व्यक्ति के द्वारा चिन्हित विकास के मापदंडों कि गहन एवं वैज्ञानिक विवेचना कर योजना का निरूपण कर सर्वोदय के परिकल्पना अर्थात समावेशी विकास को कार्यान्वित करना है
  • यह एक संरचना निर्माण केन्द्रित योजना बिलकुल भी नहीं है
  • यह समग्र रूपेण ग्रामों के सम्पूर्ण विकास के लिए लक्षित योजना है
  • इस योजना के लिए किसी भी प्रकार के विशेष मद में राशि उपलब्ध नहीं है
  • इस योजना में जन सहभागिता से सामूहिक आवश्यकता आधारित सूक्ष्म योजनाओ का ग्राम स्तर पर निरूपण किया जाना है
  • मानवीय विकास के मापदंडों को केंद्र में परिमार्जित करते हुए अन्तर्विभागीय अभिसरण के द्वारा ग्राम विकास कि योजनाओं का कार्यान्वयन पारस्परिक सहयोग के शांति पूर्ण वातावरण में संपन्न किया जाना है

सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत माननीय सांसद द्वारा ग्राम पंचायत के चयन हेतु निर्धारित मानक:-

  • माननीय निर्वाचित सांसद, लोक सभा द्वारा योजना के अंतर्गत अपने लोक सभा संसदीय क्षेत्र के किसी भी ग्राम पंचायत का चयन किया जा सकता है
  • माननीय निर्वाचित सांसद, राज्य सभा द्वारा योजना के अंतर्गत संबंधित राज्य के किसी भी ग्राम पंचायत का चयन किया जा सकता है
  • माननीय मनोनीत सांसद. राज्य सभा द्वारा देश के किसी भी ग्राम पंचायत का चयन किया जा सकता है
  • माननीय सांसद अपने पैतृक ग्राम पंचायत का चयन नहीं कर सकते हैं
  • माननीय सांसद अपने पत्नी के पैतृक ग्राम पंचायत का चयन नहीं कर सकते हैं

सांसद आदर्श ग्राम योजना के कार्यान्वयन हेतु स्वीकृत प्रशासनिक व्यवस्था:-

  • राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अधिकार – प्राप्त समिति (State Level Empowered Committee –SLEC) का गठन किया जाना है जिसके संयोजक सचिव, ग्रामीण विकास विभाग होंगे तथा सभी अन्य विभागीय सचिव इसके मानद सदस्य होंगे I राज्य स्तरीय समिति द्वारा योजना के लिए आवश्यक अंतर विभागीय अभिसरण को सुनिश्चित किया जाएगा एवं आवश्यकतानुसार योजना की प्रगति की समीक्षा की जायेगी एवं आवश्यक दिसा निर्देश एवं नीतिगत निर्णय लिए जायंगे I
  • जिला स्तर पर उपायुक्त योजना के लिए जिला नोडल पदाधिकारी होंगे I
  • उपायुक्त सह जिला नोडल पदाधिकारी द्वारा उप समाहर्ता स्तर के पदाधिकारी को ग्राम पंचायत स्तर पर योजना के दिनों दिन कार्यान्वयन के प्रभारी पदाधिकारी मनोनीत किया जाएगा जो की इस योजना के कार्यान्वयन एवं प्रगति के लिए जबाबदेह होंगे I
  • उपायुक्त संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ मासिक समीक्षा बैठक करेंगे I
  •                 (i). संबंधित सांसद बैठक की अध्यक्षता करेंगे I
                    (ii). संबंधित ग्रामों के मुखिया भी इस बैठक में भाग लेनें के लिए आमंत्रित किये जायेंगे I

उपायुक्त सह जिला नोडल पदाधिकारी की निम्नवत जिम्मेवारी होगी :-

  • माननीय सांसदों द्वारा नामित ग्राम पंचायत का सत्यापन करना एवं अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कराना
  • बेसलाइन सर्वे कराना
  • ग्राम विकास योजना तैयार कराना
  • तैयार ग्राम विकास योजना का ग्राम सभा से अनुमोदन एवं तत्पश्चात जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन एवं वेबसाइट पर अपलोड कराना
  • ग्राम विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत स्कीमों के लिए अंतर विभागीय अभिसरण निश्चित करना
  • योजना की प्रगति की मासिक समीक्षा करना
  • प्रगति के आकलन हेतु क्षेत्र भ्रमण करना
  • योजना के निर्धारित लक्ष्य एवं उद्देश्य के अनुरूप आदर्श ग्राम के निर्माण हेतु ग्रामीण सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु उपलब्ध विशेषज्ञों की सेवा लेना I
  • योजना के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के अनुरूप सभी भागीदारों विशेष कर ग्रामीणों एवं पंचायती राज प्रतिनिधियों के क्षमता वर्धन का कार्य निश्चित कराना I

सांसद आदर्श ग्राम पंचायत प्रभारी पदाधिकारी की जिम्मेवारी :-

  • प्रत्येक सांसद आदर्श ग्राम के लिए उपायुक्त द्वारा एक वरीय पदाधिकारी को प्रभारी पदाधिकारी के रूप में स्थानीय स्तर पर मनोनीत किया जाएगा
  • प्रभारी पदाधिकारी योजना के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर समस्त कार्यो के निष्पादन के लिए उत्तरदायी होंगे
  • प्रभारी पदाधिकारी योजना के निमित्त जन जागरूकता, एंट्री पॉइंट एक्टिविटी, एनवायरनमेंट बिल्डिंग, पंचायत प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण, ग्रामीणों का उन्मुखी करण एवं प्रशिक्षण, आदर्श ग्राम के परिकल्पना को साकार करने हेतु संकल्पित ग्रामीणों का स्वयं सेवकों के रूप में चयन एवं क्षमता वर्धन
  • बेसलाइन सर्वे का कार्य प्रखंड एवं ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मियों एवं चिन्हित स्वयं सेवकों से कराना
  • बेसलाइन सर्वे के सत्यता को सत्यापित करना
  • बेसलाइन सर्वे का गहन विशेषण करना एवं लास्खित ग्राम की वस्तुस्थिति का आकलन करना
  • बेसलाइन सर्वे को अधिकारिक वेबसाइट पर प्रभारी पदाधिकारी के लाग इन से अपलोड कराना
  • ग्रामीण सहभागिता की विधि से ग्राम विकास योजना तैयार करने के लिए SAGY YP, प्रखंड एवं ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मियों एवं चिन्हित स्वयं सेवकों का कार्य दल तैयार करना एवं योजना तैयार करने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षित करना I
  • प्रशिक्षित कार्य दल द्वारा ग्रामीण सहभागिता की विधि से आदर्श ग्राम के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के निमित्त सहभागी ग्राम विकास योजना तैयार कराना
  • तैयार ग्राम विकास योजना को ग्राम सभा के सामने प्रस्तुत करना
  • ग्राम सभा से अनुमोदित ग्राम विकास योजना को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कराना
  • अपलोड SAGY ग्राम विकास योजना को माननीय सांसद एवं उपायुक्त की सह अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के सामने प्रस्तुत कराना एवं अनुमोदन प्राप्त कराना
  • जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित SAGY ग्राम विकास योजना को आधिकारिक वेबसाइट पर जिला नोडल पदाधिकारी के लाग इन से अपलोड कराना
  • स्वीकृत ग्राम विकास योजना के अंतर्गत स्कीमों का समयबद्ध कार्यान्वयन हेतु अन्तः एवं अंतर विभागीय अभिसरण हेतु गहन समन्वय करना एवं निरंतर समीक्षा करना
  • ग्रामीण सहभागिता एवं ग्रामीण संगठन के पोषण हेतु नित्य क्षेत्र भ्रमण करना एवं प्रेरण का कार्य करना
  • योजना के प्रगति के लिए निर्धारित पंचायत दर्पण को समयबद्ध रूपेण अद्यतन करना एवं आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कराना
  • योजना के प्रगति एवं आ रही बाधा से जिला नोडल पदाधिकारी को निरंतर मासिक बैठक द्वारा अवगत कराना

सांसद आदर्श ग्राम योजना के कार्यान्वयन के मुख्य रणनीति :-

    • माननीय सांसदों द्वारा आदर्श ग्राम पंचायत का चयन एवं सुचना
    • उपायुक्त द्वारा चयनित आदर्श ग्राम पंचायत का आधिकारिक वेबसाइट www.saanjhi.gov.in पर सत्यापन एवं सत्यापित ग्राम पंचायत के प्रोफाइल को अपलोड कराना
    • माननीय सांसद महोदयों एवं उपायुक्तों द्वारा चयनित ग्राम पंचायत का संयुक्त भ्रमण
    • चयनित ग्राम पंचायत में योजना का प्रचार एवं प्रसार
    • चयनित ग्राम पंचायत में “Entry Point Activity” द्वारा ग्रामीणों एवं सरकारी विभागों के मध्य विश्वास का जागरण
    • चयनित ग्राम पंचायत में योजना के मह्तावाकंक्षी लक्ष्य के प्राप्ति हेतु सकारात्मक वातावरण निर्माण हेतु ग्रामीणों में सामूहिक बोध के संचार हेतु श्रंखला बद्ध्ध बैठक, आम सभा, ग्राम सभा, सामूहिक परिचर्चा का आयोजन एवं ग्रामीणों के सामुदायिक संगठन यथा सखी मंडल, ग्राम संघटन, यूथ क्लब, उत्पादक समूह आदि का उन्मुखीकरण एवं क्षमता वर्धन
    • ग्राम पंचायत एवं प्रखंड में सक्रीय रूप से कार्यरत सभी प्रकार के गिअर सरकारी संगठनों एवं संस्थाओं के साझेदारी करना एवं योजना के लक्ष्यों के अनुरूप सभी संस्थाओं की सघन भागीदारी निश्चित करना
    • चयनित ग्राम पंचायत में योजना के प्रचार प्रसार एवं प्रबंधन हेतु स्वयं सेवकों का चिन्हीतिकरण एवं क्षमता वर्धन
    • चयनित ग्राम पंचायत में योजना हेतु प्रस्तावित प्रपत्र के आधार पर प्रत्येक घरों का बेसलाइन सर्वे
    • सम्पादित बेसलाइन सर्वे का ग्राम पंचायत के प्रभारी पदाधिकारी द्वारा सत्यापन
    • सत्यापित बेसलाइन सर्वे का गहन विश्लेषण एवं ग्राम पंचायत के वास्तु स्थिति का आकलन
    • सत्यापित बेसलाइन सर्वे को योजना के अधिकृत वेबसाइट सांझी पर अपलोड किया जाना
    • चयनित ग्राम पंचायत में ग्राम विकास योजना के निर्माण हेतु दल का गठन एवं प्रशिक्षण
    • चयनित ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के सहभागिता से ग्राम विकास योजना का निर्माण
    • ग्राम सभा द्वारा योजना का सत्यापन एवं अनुशंसा
    • ग्राम सभा द्वारा अनुशंसित ग्राम विकास योजना का माननीय सांसद महोदय एवं उपायुक्त की सह अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा समीक्षा एवं स्वीकृति
    • जिला स्तरीय समिति द्वारा स्वीकृत ग्राम विकास योजना का विभिन्न विभागों के सहयोग से कार्यान्वयन एवं प्रतिवेदन प्रेषण

उपयुक्त निदेशों के अनुरूप सभी चयनित सांसद आदर्श ग्रामों में राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी के आदर्श ग्राम के परिकल्पना के अनुरूप आदर्श ग्रामीण की सहभागिता से आदर्श ग्राम के लिए आवश्यक सामाजिक सुधार, आर्थिक स्वालम्बन, स्वास्थ्य समुन्नयन, शिक्षा का उच्च स्तर, सुरक्षित पर्यावरण, स्थायी विकास एवं सामाजिक समरसता के आयामों से परिपूर्ण आदर्श ग्राम का विकास किया जाना है

सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) के लिए MIS :- इस योजना का गहन निदर्शन विशिष्ट ऑनलाइन एवं ऑफलाइन MIS द्वारा किया जाता है जिसके प्रमुख अव्यय निन्वत हैं :-

  • योजना के लिए मंत्रालय द्वारा निदेशित विशिष्ट आधिकारिक वेबसाइट www.saanjhi.gov.in पर योजना का समस्त ऑनलाइन MIS संचालित है
  • योजना के सभी चयनित ग्रामों का बेसलाइन सर्वे एवं ग्राम विकास योजना अपलोड है
  • योजना के लिए स्वीकृत ग्राम विकास योजना का ग्राम पंचायत वार स्कीम वार अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध है
  • योजना के लक्ष्य एवं उद्देश्यों पर आधारित पैंतीस (35) मानकों पर आधारित पंचायत दर्पण के नाम से ऑनलाइन MIS योजना के विशिष्ट आधिकारिक वेबसाइट www.saanjhi.gov.in पर संचालित है
  • योजना के लिए मंत्रालय द्वारा 24 x 7 हेल्पलाइन योजना के अन्य आधिकारिक वेबसाइट www.support.saanjhi.in पर संचालित है एवं pmusaanjhi@gov.in ईमेल पर योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकती है
  • योजना के प्रगति की मासिक समीक्षा हेतु विभाग द्वारा ऑफलाइन MISका परिचालन किया जाता है जिसके निमित्त मासिक भौतिक सह वित्तीय प्रगति प्रपत्र जिला द्वारा संधारित किया जाता है एवं मासिक रूप से विभाग को उपलब्ध कराया जाता है

योजना का प्रभाव मूल्यांकन :- योजना के निमित्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति द्वारा योजना के लिए “प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन” बाहरी संस्था से करने का निर्णय लिया गया है I

योजना के प्रभाव मूल्यांकन का उद्देश्य :- योजना के अंतर्गत ग्रामीणों के व्यग्तिगत एवं सामूहिक जीवन शैली में आगत बदलाव एवं ग्रामीण सहभागिता के उच्च स्तर की प्राप्ति के साथ ग्राम में आदर्श नियामकों की स्थापना एवं अनुपालन की स्थिति का अध्ययन एवं सत्यापित परिमाप
योजना के प्रभाव मूल्यांकन हेतु चिन्हित मानक :- योजना द्वारा निर्धारित लक्ष्य एवं उद्देश्यों के अनुरूप योजना के प्रभाव मूल्यांकन हेतु निम्नवत मानक चिन्हित किये गए हैं :-

  • उन्नत बुनियादी सुविधाएँ
  • अधिकतम उत्पादकता
  • बेहतर मानव विकास
  • बेहतर आजीविका के अवसर
  • असमानता में कमी
  • अधिकार और हकदारी के लिए पहुँच दिलाना
  • वृहत सामाजिक एकजुटता
  • समृद्ध सामाजिक पूंजी
  • स्थानीय स्तर पर विकास और प्रभावी स्थानीय शासन |

योजना के प्रभाव मूल्यांकन का कार्यक्षेत्र :- योजना के विस्तृत कार्यक्षेत्र एवं उद्देश्यों की व्यापकता को सीमांकित करते हुए शत प्रतिशत अध्ययन क्षेत्र के साथ प्रभाव मूल्यांकन किया जाना है जिससे योजना के गहन सहभागिता एवं अभिसरण का कार्य दृष्टिगोचर हो एवं अन्य भागीदारों के लिए प्रमाणित प्रेरक प्रसंग के रूप में उपयोग किया जा सके I
योजना के प्रभाव मूल्यांकन के लिए चिन्हित सूचकांक:- योजना के लिए पंचायत दर्पण के अंतर्गत पूर्व निर्धारित 35 सूचकांकों (अनुलग्नक- ‘क’ पर संलग्न) के आधार पर योजना के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाना है एवं साथ ही उक्त सूचकों के आधार पर व्यवहृत “Good Practice” को चिन्हित कर सत्यापित किया जाना है |
ख. आदर्श ग्राम योजना (AGY):-
ग्रामीण विकास विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2011-12 से कार्यान्वित की जा रही आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत माननीय विधायक द्वारा चयनित ग्रामों एवं झारखण्ड के प्रखर क्रांतिदुतों के जन्म स्थल वाले एक सौ (100) ग्रामों का चयन किया गया है I राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा परिकल्पित आदर्श ग्राम कि परिभाषा को धरातल पर कार्यान्वित करने के लक्ष्य के साथ राज्य में आदर्श ग्राम योजना कि शुरवात की गई I इस योजना का कार्यान्वयन समग्र ग्रामीण सहभागिता के साथ किया जाना सुनिश्चित किया गया था I आदर्श ग्राम के अवधारणा का सूक्ष्म सहभागी योजनाओं के निरूपण से किया जाना था I योजना के निदर्शन के क्रम में यह पाया गया की इसका कार्यान्वयन अपेक्षित ग्रामीण सहभागिता के साथ नहीं हो पा रहा है एवं योजना निर्माण कार्यों पर केन्द्रित हो गयी है I विभाग के क्रमिक समीक्षा में यह अनुभव किया गया कि योजना के कार्यान्वयन की वर्तमान रणनीति में व्यापक एवं स्पष्ट परिवर्तन कि आवश्यकता है I

राज्य में योजना के पुनर्निर्धारित लक्ष्यों, उद्देश्यों एवं रणनीति के साथ संशोधित रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है:-
लक्ष्य:-
आदर्श ग्राम के 70% निर्धन ग्रामीण परिवार अपने आजीविका के संसाधनों में वृद्धि करते हुए अपने सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य एवं शिक्षा कि स्थिति में गुणोत्तर सुधार लाकर अपने ग्राम के प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों को आदर्श स्वरुप में परिवर्तित करने हेतु तत्पर होंगे I
उद्देश्य:-

  • आदर्श ग्राम के शत प्रतिशत निर्धन ग्रामीण परिवार मजबूत लोक संगठन का निर्माण कर अपने आजीविका में वृद्धि करते हुए ग्राम में उपलब्ध प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का उन्नयन सुनिश्चित करेंगे I
  • आदर्श ग्राम के 70% निर्धन ग्रामीण आजीविका के न्यूनतम तीन माध्यम अपनाने के लिए अग्रसर होंगे I
  • रणनीति:-
    आदर्श ग्रामीणों द्वारा आदर्श ग्राम के परिकल्पना, योजना निर्माण एवं कुशल नेतृत्व करने हेतु निम्न रणनीति प्रतिपादित कि गई है :-

    • ग्राम स्तरीय सरकारी सेवा प्रदाताओं कि नेतृत्व क्षमता का विकास:- झारखण्ड आदर्श ग्राम में व्यापक एवं समयबद्ध परिवर्तन हेतु ग्राम स्तर पर कार्यरत सभी सरकारी कर्मियों का उन्मुखीकरण एवं क्षमता वर्धन किया जायेगा I प्रत्येक ग्राम में कार्यरत सरकारी कर्मियों, पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं स्वयं सेवकों कि एक कोर टीम (15-30 कि संख्या में) का गठन किया जायेगा I इस टीम को झारखण्ड आदर्श ग्राम प्रेरक समूह के रूप में जाना जायेगा एवं इस टीम के द्वारा सम्पादित किये जाने वाले कार्य निम्नवत होंगे:-
  • ग्रामीणों के मध्य आदर्श ग्राम के लिए जागरूकता लाने का कार्य
  • इच्छुक ग्रामीणों का चिन्हीतिकरण कर लोक संगठन से जोड़ने का कार्य
  • ग्राम संसाधन सर्वे एवं सूक्ष्म योजना निर्माण मार्गदर्शन
  • आदर्श ग्राम योजना के निरूपण एवं कार्यान्वयन में ग्रामीणों के सहभागिता सुनिश्चित करना I
  • योजना का निरंतर “निदर्शन एवं मूल्यांकन” करना I
    • आदर्श ग्राम योजना के उपरोक्त लक्ष्य एवं उद्देश्य की प्राप्ति के लिए निम्न कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है :-
  • जिला विकास अभिकरण द्वारा आदर्श ग्राम योजना के लिए नोडल पदाधिकारी नामित करना है I
  • जिला विकास अभिकरण द्वारा चयनित आदर्श ग्रामों का संकुल निर्धारण करना I
  • नव चयनित आदर्श ग्रामों में बेसलाइन सर्वे एवं विलेज प्रोफाइलिंग का कार्य संपन्न करनाI
  • आदर्श ग्राम के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) में प्रतिनियुक्त मानव संसाधन का उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण I
  • समिति को योजना के पुनर्निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के प्रति उन्मुखीकरण एवं गहन प्रशिक्षण I
  • आदर्श ग्राम के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) में प्रतिनियुक्त मानव संसाधन / आदर्श ग्राम समिति / ग्राम सभा / आम सभा / पंचायत द्वारा “आजीविका अभियान” में सहभागिता के लिए तत्पर एवं इच्छुक निर्धन परिवारों कि पहचान एवं निबंधन I
  • ग्राम में चिन्हित सभी आजीविका अभियान सहयोगी परिवारों के महिला प्रधान सदस्य एवं पुरुष प्रधान सदस्य को महिला संगठन एवं उत्पादकर्ता संगठन से जोड़ना I
  • ग्राम में गठित सभी महिला संगठन एवं उत्पादकर्ता संगठन का “आजीविका अभियान” पर गहन प्रशिक्षण I
  • परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) द्वारा महिला संगठन एवं उत्पादकर्ता संगठन के सभी सदस्यों का “ Livelihood Feasibility Study and Individual Household Micro Livelihood Plan तैयार करना एवं ग्राम सभा / आम सभा द्वारा अनुमोदन करवाना I
  • आजीविका अभियान में पूर्ण सहभागिता हेतु सभी इच्छुक एवं योग्य निर्धन ग्रामीणों से “सहमती पत्र” सह “एकरारनामा” प्राप्त करना I
  • परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) द्वारा Individual Household Micro Livelihood Plan का Sector wise & Lie Department wise संकुलिकरण (Clusterisation)
  • Individual Household Micro Livelihood Plan का Sector wise & Line Department wise संकुलिकरण (Clusterisation) के आधार पर आदर्श ग्राम वार “आजीविका अभियान” कि शुरवातI
  • ग्राम वार आजीविका मित्र का चयन I
  • प्रशिक्षण उपरान्त दक्ष एवं सुयोग्य एवं इच्छुक परिवारों को आकलित (कृषि / कृषि आधारित/गैर कृषि) संसाधनों का पैकेज ग्रामीण विकास अभिकरण के द्वारा पंचायत / ग्राम सभा/ आदर्श ग्राम समिति द्वारा एकरारनामा के नियमों के अनुकूल उपलब्ध करना I
  • लाभुक ग्रामीण परिवार द्वारा अपनाये गए आजीविका के माध्यम के परिष्करण में प्रदत्त कराये गए पैकेज के उचित उपयोग हेतु परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) एवं आजीविका मित्र द्वारा सामानांतर मार्गदर्शन एवं निदर्शन I
  • परियोजना के समस्त गतिविधियों एवं दस्तावेजों का DIGITILISATION एवं वेबसाइट पर नियमित अपलोडI
  • परियोजना का राज्यस्तर पर नव गठित (SAGY/AGY/PMAGY/MPLAD) CELL द्वारा अंतरिम मासिक वित्तीय एवं भौतिक मूल्यांकन I
  • आजीविका मित्र के माध्यम से ग्रामों के शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियों को रोजगारोन्मुखी कौशल विकास के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना I
  • आजीविका मित्र के द्वारा कौशल विकास के कार्यक्रम से जुड़ने के कृत संकल्प शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियों का निबंधन I
  • आजीविका मित्र के द्वारा निबंधित शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियों को रोजगारोन्मुख एवं व्यवसायोंमुख कार्यक्रमों से जोड़ना I
  • प्रत्येक आदर्श ग्राम के शत प्रतिशत इच्छुक एवं कृत संकल्प शिक्षित बेरोजगार को रोजगारोन्मुख एवं व्यवसायोंमुख कार्यक्रमों से जोड़कर नौकरी एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराना I
  •   

    • ग. प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना (PM AGY)
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति बहुल गाँवों में केन्द्र प्रायोजित पायलॅट परियोजना के रूप में प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना PMAGY प्रारंभ किया गया है । उक्त योजना के तहत झारखण्ड राज्य के छः (06) जिलों यथा – चतरा, पलामू, देवघर, हजारीबागए गिरिडीह एवं बोकारो के 100 अनुसूचित जाति बहुल गाँवों का चयन किया गया है । ये वैसे गाँव हैं, जहाँ पर अनुसूचित जाति की आबादी उन गाँवों की आबादी का आधा अथवा आधे से ज्यादा है।

    प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित ग्रामों में जिन प्रक्षेत्रों में कार्रवाई की जायेगी, उनमें मुख्य हैं- भौतिक अधोसंरचना, स्वच्छता एवं पर्यावरण, सामाजिक अधोसंरचना मानव संसाधन विकास एवं सामाजिक समरसता तथा आजीविका । इन गाँवों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की योजनाओं के अतिरिक्त केन्द्र सरकार के अन्य मंत्रालयों की भारत निर्माण एवं अन्य योजनाएं अभिसरित की जायेगी ।

    इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा 20 लाख रू0 प्रति गाँव की दर से अनावर्ती प्रकृति के कार्य वित्त पोषित किये जाएंगे । चयनित गाँवों की आवश्यकताओं की वर्तमान योजनाओं से पूर्ति न होने पर Gap Filling के लिए प्रति गाँव 20 लाख रू0 की दर से केन्द्र सरकार द्वारा दी जाएगी । राज्य सरकार द्वारा भी मैचिंग शेयर के रूप में प्रति गाँव 20 लाख रू0 विमुक्त करने हेतु राज्य के उक्त पांच जिलों के 100 गाँवों के लिए द्वितीय अनुपूरक आगणन, 2015 के माध्यम से 20 करोड़ रू0 का प्रावधान किया गया है।

    • योजना का लक्ष्य, उद्देश्य एवं रणनीति
    • योजना की अवधि:- तीन वर्ष ( वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक)।
    • लक्ष्य:- ग्रामीणों के जीवन स्तर (स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता एवम् आजीविका) में साकारत्मक बदलाव के साथ चयनित ग्रामों में सामाजिक/आर्थिक समानता का वातावरण स्थापित किया जाना है |
    • उद्देश्यः-
    •                         (i) चयनित ग्राम के अनुसूचित जातियों के आवासीय प्रक्षेत्र में सरकारी सुविधा एवं सेवाओं की शतप्रतिशत पहुँच सुनिश्चित करना।
                              (ii) स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता एवम् आजीविका के समान अवसर के लिए सशक्तिकरण करना ।
                              (iii) सभी वर्गो के बीच सामाजिक न्याय एवं अधिकार के लिए विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों, संस्थानों द्वारा पूर्ण सहभागिता के माध्यम से योजनाओं का शतप्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित कराना ।

    • रणनीति :-
    • राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय संचालन सह अनुश्रवण समिति (State level Steering-cum-Monitoring Committee) के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी ।
      जिला स्तर पर एक (01) जिला समन्वयक, (01) MIS सहायक के संविदास्थ पद के साथ परियोजना प्रबंधन इकाई (Project Management Unit) का गठन किया जाएगा
    • परियोजना के लक्षित प्रत्येक दस (10) ग्रामों के लिए क्लस्टर रूप में एक प्रखण्ड समन्वयक की संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। इसमें ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जायेगी जो अनुसूचित जाति एवं कमजोर वर्गों के बीच रहकर कार्य करने के इच्छुक हों ।
    • ग्रामीणों की एक समिति (20-30 सदस्यों) वाली “प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना सशक्तिकरण समिति का गठन ग्राम सभा/आम सभा के माध्यम से किया जाएगा। वार्ड सदस्य, SHG समूहों की अध्यक्ष/सचिव भी इसके सदस्य रहेंगे । समिति की भूमिका नागरिकों को mobilize करने, क्रियान्वयन की रणनीति बनाने, योजनाओं/लाभुकों का चयन करने, प्राथमिकता निर्धारित करने, जनसहयोग दिलाने, अनुश्रवण करने इत्यादि की होगी ।
    • पंचायत सचिव उक्त समिति के पदेन समिति मनोनीत किए जाएंगे । यथासंभव योजनाओं का क्रियान्वयन गांवों के लाभुकों की समिति के माध्यम से किया जायेगा ।
    • मानव विकास सूचकांक, आधारभूत संरचना, कृषि संरचना, आजीविका के साधन, पलायन, सामाजिक सुरक्षा, न्याय एवम अधिकार जैसे मौलिक सूचकांक के आधार पर आदर्श ग्रामों में अनुसूचित जातियों की वर्तमान स्थिति के आकलन हेतु “बेस लाईन सर्वे” कराया जाएगा ।
    • “बेस लाईन सर्वे” के परिणाम के आधार पर उक्त ग्रामों के अनुसूचित जातियों के सूचकांकवार स्तर में सुधार हेतु पूर्ण जन सहभागिता के आधार पर Micro Planning कर संबंधित विभागों द्वारा योजना का कार्यान्वयन किया जायेगा:-
    • ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही सभी तीन आदर्श ग्राम योजनाओं यथा SAGY, PMAGY, AGY के सुचारू कार्यान्वयन हेतु विभाग के अंतर्गत अनुभवी पेशेवरों की संविदा के आधार पर नियुक्ति कर एक विशेष सेल का गठन किया गया है । उक्त कोषांग के द्वारा राज्य स्तर पर PMAGY योजना का निरूपण, कार्यान्वयन, मूल्यांकन,अनुश्रवण किया जायेगा ।
    • प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 50% से अधिक की अनुसूचित जाति के जनसँख्या बहुल वाले सौ (100)
    • ग्रामों का चयन छह (06) जिलों मे निम्नवत किया गया है:-
    • क्र. सं. जिला का नाम प्रखंडों की संख्या ग्रामों की संख्या
      1 चतरा 8 35
      2 पलामू (2nd Batch) 12 20
      3 गिरिडीह 05 09
      4 हजारीबाग 07 14
      5 देवघर 06 17
      7 बोकारो 01 05
      कुल 38 100
    • • इस योजना के कार्यान्वयन के लिए रु. 41 करोड़ की राशि आवंटित कर दी गई है I
    • • योजना के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत कार्य योजना स्वीकृत कर सभी संबंधित उप विकास आयुक्तों तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों का उन्मुखीकरण कर दिया गया है I
    • • योजना के निदेशिका के आधार पर सभी सौ ग्रामों के लिए ग्रामीण सहभागिता के साथ ग्राम विकास योजना के निर्माण किया गया है एवं ग्राम सभा से अनुशंसित किया गया है I
    • • योजना के समयबद्ध एवं सघन कार्यान्वयन लिए जिला स्तर पर परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) का गठन करने के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है I
      • प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्यान्वयन के लिए वर्ष 2016-17 की स्वीकृत कार्य योजना :-
      क्र. सं. प्रस्तावित कार्य समयसीमा
      1 चयनित ग्राम के पंचायती राज प्रतिनिधियों का योजना पर उन्मुखीकरण I अप्रैल – 2016
      2 चयनित ग्रामों में योजना को लेकर जनजागरूकता के कार्य I(2nd Batch) अप्रैल – 2016
      3 चयनित ग्राम में मुखिया की अध्यक्षता में पंद्रह सदस्यीय प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम विकास समिति का गठन I अप्रैल – 2016
      4 गठित प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम विकास समिति का एक दिवसीय प्रशिक्षण I अप्रैल – 2016
      5 चयनित ग्राम में योजना में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए “VOLUNTEERS” का चयन एवं प्रशिक्षण I अप्रैल – 2016
      6 चयनित ग्रामों में विभिन्न विभागों से समन्वय कर “Entry Point Activity & Environment Building Activity” कार्य संपन्न करना I अप्रैल – जून 2016
      7 उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन अप्रैल – 2016
      8 जिला / प्रखंड / ग्रामपंचायत स्तरीय प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना सलाहकार समिति का गठन अप्रैल – 2016
      9 जिला / प्रखंड / ग्रामपंचायत स्तरीय गठित प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना सलाहकार समिति का उन्मुखीकरण मई – 2016
      10 चयनित ग्राम में बेसलाइन सर्वे का कार्य अप्रैल – मई 2016
      11 बेसलाइन सर्वे का सत्यापन एवं विश्लेषण जून – 2016
      12 चयनित ग्रामों में बेसलाइन सर्वे के तथ्यों पर आधारित “ग्राम विकास योजना – VDP” तैयार करने हेतु ग्राम स्तरीय कार्य दल का गठन जून – 2016
      13 “ग्राम विकास योजना – VDP” तैयार करने हेतु गठित कार्यदल का प्रशिक्षण जून – 2016
      14 “ग्राम विकास योजना – VDP” तैयार करने हेतु गठित कार्यदल द्वारा VDP का निर्माण जून –जुलाई 2016
      15 तैयार VDP का ग्रामसभा द्वारा अनुशंसा जुलाई – 2016
      16 अनुशंसित VDP का जिला स्तरीय समिति द्वारा आकलन,संकलन एवं अनुमोदन जून – 2016
      17 जिलास्तरीय समिति द्वारा बेसलाइन के तथ्यों एवं VDP का आधार पर “ Gap filling resources के लिए प्रत्येक ग्रामों के लिए Special Project का प्रस्ताव तैयार कर विभागीय आकलन एवं अनुमोदन के लिए प्रेषण I जुलाई – अगस्त 2016
      18 विभाग द्वारा प्राप्त ग्राम वार “Gap filling Special Project” का अनुमोदन एवं आवंटन I अगस्त – 2016
      19 जिला स्तर पर अनुमोदित “Gap filling Special Project” के कार्यान्वयन के लिए अंतर विभागीय कार्य दल का गठन I अगस्त – 2016
      20 राज्य स्तर पर “Gap filling Special Project” के लिए अंतर विभागीय कार्यदल का गठन I जून – 2016
      21 राज्य एवं जिला स्तर पर गठित अंतर विभागीय कार्यदल के मार्गदर्शन में ग्रामवार अनुमोदित “Gap filling Special Project” का समय बद्ध कार्यान्वयन अगस्त – 2016 से जुलाई 2017
      • घ. मुख्य मंत्री स्मार्ट ग्राम योजना :- ग्रामीण विकास विभाग,झारखण्ड सरकार द्वारा राज्य के पंचायतों में विकास की भावना को प्रदर्शित करने एवं त्वरित गति से विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए “मुख्यमंत्री स्मार्ट ग्राम योजना” आरंभ करने का निर्णय लिया गया है I इस योजना के अंतर्गत सुचना तकनीक, अक्षय उर्जा,कृषि के उन्नत तकनीक एवं इ-गवर्नेन्स जैसे उन्नत एवं सामयिक तकनीक के साथ ग्रामों में त्वरित विकास को पूर्ण ग्रामीण सहभागिता एवं सामूहिक नेतृत्व के माध्यम से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है I इस योजना में उच्च तकनीकों का उपयोग कर ग्राम पंचायतों में विकास के निम्नांकित उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करनी है :-
    • ग्राम पंचायतों में तकनीक आधारित नवाचारों कि प्रक्रिया सामूहिक सहभागिता के साथ आरंभ करना I
    • ग्राम पंचायतों में तकनीक एवं नवाचार आधारित प्रक्रिया से ग्रामीणों के जीवन स्तर में व्यापक एवं त्वरित सुधार लाना जिससे :-
    • (i). ग्रामीण कृषक जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि के तकनीक अपनाकर अपनी आजीविका में गुणोत्तर सुधार ला सके I
    • (ii). ग्राम पंचायतों के बुनियादी सुविधाओं एवं सेवाओं को तकनीक के माध्यम से परिष्कृत कर शतप्रतिशत आबादी के लिए सुलभ करना I
    • (iii). ग्राम पंचायतों के प्राकृतिक संसाधनों का इष्टतम उपयोग I
    • (iv). ग्राम पंचायतों में स्थित विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं ग्रामीणों द्वारा सुलभता से अंगीकार करने के लिए उन्नत प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं परिचालन I
    • (v). ग्रामीणों विशेषकर प्रवण समूहों एवं व्यक्तियों के लिए शत प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा का आच्छादन I
    • (vi). ग्राम पंचायतों का वाह्य दुनिया से सभी प्रकार के संपर्क के साधनों का उन्नयन एवं परिमार्जनI
    • मुख्यमंत्री स्मार्ट ग्राम के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में पर्याप्त इच्छाशक्ति, दृढ़संकल्प,सहभागी विकास कार्यों का पूर्व अनुभव, तकनीक आधारित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की इष्टतम क्षमता एवं नेतृत्व क्षमता की आवश्यकता होगी I इस योजना के प्रथम चरण में पांच ग्राम पंचायतों का चयन पारदर्शी प्रतियोगिता के माध्यम से निम्नवत किया गया है I
    • 1. बुंडू ग्राम पंचायत,पेटरवार प्रखंड, बोकारो जिला
    • 2. कांता सोली ग्राम पंचायत, डुमरिया प्रखंड, पूर्वी सिंहभूम जिला
    • 3. ठाकुर गिंजो ग्राम पंचायत, बुढ़मू प्रखंड, रांची जिला
    • 4. चनारो ग्राम, चुरचू प्रखंड, हजारीबाग जिला
    • 5. शिवराजपुर, घाघरा प्रखंड, गुमला जिला
    • मुख्य मंत्री स्मार्ट ग्राम योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्ययोजना निम्नवत है :-
    • S.No Planned Activities Timeline Responsibility
      1 Selection of Five (05) Gram Panchayats by Rural Development Department through open competition and issuance of notification 31 Oct 2016 RDD,GoJ
      2 Project launching meeting in Gram Panchayat with all the stakeholders 31 Nov 2016 RDD, GoJ
      3 Orientation of PRIs and Community on the Goals and Objective of CM SMART GRAM YOJNA 31 Dec 2016 DRDA & Block
      4 Primary Resource and Gap assessment in the selected Gram Panchayats PRIs / PROs Jan – March, 2017 PRIs / PROs
      5 Participatory Roadmap preparation for the transformation of selected GPs in to SMART GPs 30 April, 2017 PRIs / PROs
      6 Issuance of Contract by the RDD, GoJ to Project Resource Organisation (PRO) for the implementation of approved detail implementation plan for the CM SMART GRAM YOJNA 20 May 2017 RDD, GoJ
      7 Deployment of Human Resources by the PROs in allocated GP 30 May 2017 PRO 30 May 2017 PRO
      8 Primary Resource and Gap assessment in the selected Gram Panchayats PRIs / PROs Jan – March, 2017 PRIs / PROs
      9 Exposure visit to the PRIs & Key Community members Officials to renowned Smart GPs of India 30 June 2017 PRO
      10 Deployment of Consultant Agencies / Individual by PRO for the Participatory Smart Village Development Plan 30 June 2017 PRO
      11 Finalisation of Detailed Project Report by the PROs 31 July 2017 PRO
      12 Assessment and approval of GP wise CM SMART Village Development Plan by RDD, GoJ 15 AUG 2017 RDD, GoJ
      13 Initiation of the implementation of approved CM SMART Village Development Plan 15 AUG 2017 to 31st March 2019 PRO
      14 Formation of Peoples Institutions as Sakhi Mandal / VOs/ Producers Groups etc. 1 June – 31 July, 2017 PRO
      15 Identification of Social Capital/ Volunteers / Micro Entrepreneurs / Master Trainers / Micro Enterprise Consultants etc. 15 Aug – 30 Sep, 2017 PRO
      16 Training and Skill Building for the Micro Economic Zone and Common Service Centres 15 Aug – 30 Sep, 2017 PRO
      17 Detail Project Report of each and every Enterprise / Schemes taken under VDP 15 Aug – 30 Sep, 2017 PRO
      18 Formation of User Groups / Producers Group for each and every Micro Enterprise / Schemes taken under VDP with MoA and MoU to be integral part of DPR 15 Aug – 30 Sep, 2017 PRO
      19 Training and Skill building and Exposure of each and every formed User Groups / Producers Group for each and every Micro Enterprise / Schemes taken under VDP to be integral part of DPR as Appendix – D 30 Sep 2017 PRO
      20 Construction / Installation / Initiation / Commencement of Micro Infrastructure / Schemes / Services 30 Jan 2018 PRO
      21 CM SMART GRAM MIS initiation 30 JUNE 2017 RDD,GoJ
      22 Monitoring of the progress of approved DIP & DPR 15 Aug 2017- 31 Mar 2019 RDD,GoJ / DRDA/ PRI/ PRO
      23 . Monthly Physical & Financial Report submission as per format shared by Client on as Appendix – E to be integral part of this contract. (Format will be issued later on) 1 April 2017- 31 Mar 2019 PRO
      24 A/V based Process Documentation 1 April 2017- 31 Mar 2019 PRO
      25 Quarterly District level review of the progress of the Yojna June 2017/Sep 2017/Dec 2017/Mar 2018/Jun 2018/Sep 2018/Dec 2018 RDD.GoJ / DRDA/ PRI
      26 Yearly Mid Term Evaluation by External Agency Sep 2018 RDD,GoJ
      27 Impact study of the Project for Learning and Demonstration Feb 2019 RDD,GoJ
      28 Selection of Best Transformed Smart Gram Panchayat in the State and felicitation with Award March 2019 RDD,GoJ
    • उपरोक्त चारों प्रकार के योजना के लक्ष्य एवं उद्देश्य एक समान रहने की स्थिति चारों योजनाओं के प्रभामुल्यांकन का आधार सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए निदेशित पंचायत दर्पण के मानकों को रखा गया है एवं प्रभाव मूल्यांकन हेतु समान उद्देश्य एवं रणनीति अपनाई जायेगी I
    • विभाग द्वारा चारों योजनाओं के लक्ष्य एवं उद्देश्यों एवं परिकल्पना की समानता को ध्यान में रखते हुए चारों योजनाओं के प्रभावी निरूपण, कार्यान्वयन एवं निदर्शन के लिए झारखण्ड समेकित आदर्श ग्राम योजना परियोजना प्रबंधन इकाई (JIAGY – PMU) गठन किया गया है जिसमे राज्य एवं जिला स्तर पर DRDA में गठित परियोजना प्रबंधन इकाई में संविदा पर पूर्णकालिक पेशेवरों की परामर्शी के पद पर नियुक्ति की गई है I

      योजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार के कठिनाई होने की स्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तर पर गठित झारखण्ड समेकित आदर्श ग्राम योजना परियोजना प्रबंधन इकाई पर ईमेल / दुरभाष द्वारा संपर्क किया जा सकता है I

    • झारखण्ड समेकित आदर्श ग्राम योजना प्रबंधन इकाई (JIAGY-SPMU)
    • ग्रामीण विकास विभाग
    • प्रथम तल, ऍफ़. ऍफ़. पी. भवन, धुर्वा, रांची, झारखण्ड – 834004
    • श्री शिवेंद्र प्रसाद सिन्हा, संयुक्त सचिव सह राज्य प्रभारी पदाधिकारी
    • rddjharkhand2013@gmail.com
    • 0651-2400172
    • श्री नितिश कुमार सिन्हा, राज्य समन्वयक, JIAGY-SPMU
    • nitishsinhasagy@gmail.com
    • 0651-2401783/82
    • 7632953055/8877920687
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